Modi Visit Japan : ट्रंप टैरिफ के बीच मोदी का जापान दौरा क्यों अहम?
Modi Visit Japan : डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में बढ़ाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) ने वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर डाला है। ऐसे में पीएम मोदी का जापान दौरा रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से अहम है।
कारण क्यों यह दौरा अहम है:
1. ट्रंप टैरिफ और ग्लोबल ट्रेड बैलेंस
- अमेरिका ने चीन, यूरोप और एशिया के कई देशों पर नए टैरिफ लगाए हैं।
- भारत और जापान, दोनों ही इस झटके से प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए वे विकल्पी बाज़ार और साझेदारी मज़बूत करना चाहते हैं।
2. भारत–जापान टेक्नोलॉजी सहयोग
- जापान से भारत में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और क्लीन एनर्जी के निवेश पर बातचीत होगी।
- ट्रंप टैरिफ के कारण अमेरिका में उत्पादन महंगा हो रहा है, तो जापान–भारत मिलकर एशिया में सप्लाई चेन को मज़बूत बना सकते हैं।
3. इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी
- अमेरिका के टैरिफ के कारण चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा है।
- भारत और जापान साथ मिलकर इंडो-पैसिफिक में स्थिरता और वैकल्पिक सप्लाई चेन तैयार करना चाहते हैं।
4. बुलेट ट्रेन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स
- जापान की फंडिंग से चल रहे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ना भारत के लिए आवश्यक है।
- टैरिफ विवाद के बीच जापान–भारत मिलकर निवेश और निर्माण को सुरक्षित बना सकते हैं।
5. कूटनीतिक संतुलन
- भारत अमेरिका, रूस, चीन और जापान – सबके साथ संबंध बनाए हुए है।
- मोदी का यह दौरा यह संदेश देता है कि भारत केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं है, बल्कि जापान जैसे साझेदारों के साथ स्वतंत्र रणनीतिक सहयोग कर रहा है।
ट्रंप के टैरिफ से उपजे वैश्विक व्यापार संकट के बीच मोदी का जापान दौरा इसलिए अहम है क्योंकि यह:
- भारत–जापान आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करेगा।
- इंडो–पैसिफिक में सुरक्षा और सप्लाई चेन स्थिरता का नया रास्ता खोलेगा।
- भारत को अमेरिका–चीन तनाव से संतुलन साधने का अवसर देगा।
Modi Visit Japan भारत–जापान संबंध: एक खास रणनीतिक साझेदारी
भारत और जापान के रिश्ते बेहद पुराने हैं, जो आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित हैं। आज दोनों एशिया के प्रमुख लोकतंत्र और दुनिया की टॉप पाँच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं।
दोनों देशों के रिश्तों ने समय के साथ नए आयाम पाए:
- 2000 – संबंधों को मिला वैश्विक साझेदारी का दर्जा।
- 2006 – बने रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी।
- 2014 – बढ़कर हुए विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी।
साल 2006 से अब तक भारत और जापान के बीच हर वर्ष शिखर सम्मेलन आयोजित होते हैं, जिनमें व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और वैश्विक सहयोग पर अहम फैसले लिए जाते हैं।
भारत–जापान व्यापार: मज़बूत होती साझेदारी
वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 22.85 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।
- जापान → भारत का बड़ा निवेशक
वर्ष 2000 से 2024 के बीच जापान ने भारत में 43 अरब डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) किया है। यह भारत की आर्थिक वृद्धि और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में जापान की अहम भूमिका को दर्शाता है। - ट्रेड बैलेंस 2023-24
- भारत से जापान को निर्यात: 18 अरब अमेरिकी डॉलर
- जापान से भारत को आयात: 6 अरब अमेरिकी डॉलर
इस तरह व्यापारिक संतुलन भारत के पक्ष में है, और जापान भारत की विकास यात्रा में एक भरोसेमंद सहयोगी बना हुआ है
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