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Vrindavan: अब बांकेबिहारी मंदिर की 5.65 एकड़ की परिधि में कोई निर्माण कार्य नहीं होगा; जानें कारण

Uttar Pradesh

Vrindavan: 5.65 एकड़ की वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर की परिधि में अब कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। ये समझौता मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के बीच हुआ था। इसकी मुख्य वजह प्रस्तावित बांकेबिहारी कॉरिडोर है। कॉरिडोर निर्माण के दौरान फिर से क्षतिग्रस्त होने से बचने के लिए अभी से प्रशासन ने नए निर्माणों पर रोक लगा दी है।

वृंदावन में प्रस्तावित बांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण के कारण, प्रशासन ने निर्णय लिया है कि बांकेबिहारी मंदिर की 5.65 एकड़ की परिधि में अभी कोई भी सरकारी निर्माण कार्य नहीं होगा। निजी निर्माण कार्य भी प्रतिबंधित हैं। इस पर सहमति मंडलायुक्त और डीएम के बीच हुई है। इसका उद्देश्य है कि कॉरिडोर बनाते समय फिर से क्षतिग्रस्त होने से बचने के लिए नए निर्माण बनाए जाएं।

Vrindavan: अब बांकेबिहारी मंदिर की 5.65 एकड़ की परिधि में कोई निर्माण कार्य नहीं होगा; जानें कारणवर्तमान वृंदावन बांकेबिहारी मंदिर की 5.65 एकड़ परिधि में ठाकुर श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर बनाया जाएगा। हाईकोर्ट ने इसके निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट कर दिया है। इसके लिए राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव भी पारित किया है। चुनावी आचार संहिता के दौरान इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लेकिन आचार संहिता अब नहीं है। इसलिए प्रशासन अलर्ट हो गया है। लेकिन अभी सरकार बनाने के लिए दिशानिर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।

कॉरिडोर बिहारीजी मंदिर के सामने 5.65 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित है, जो भौगोलिक स्थिति के चलते दो भागों में होगा। विद्यापीठ और परिक्रमा मार्ग इससे जुड़े हैं। प्रस्तावित कॉरिडोर में बिहारीजी के प्रशंसकों की हर जरूरत की जांच की गई है। एक साथ दस हजार लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। इस पर लगभग 505 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। कॉरिडोर में करीब 276 से अधिक दुकान और घर अधिग्रहण किए जाएंगे। 149 आवासीय, 66 व्यावसायिक और 57 मिश्रित भवन इसमें शामिल हैं। जमीन अधिग्रहण और निर्माणों को ध्वस्त करना होगा। लेकिन अभी तक इसके लिए कोई दिशानिर्देश नहीं मिले हैं।

Vrindavan: गाइडलाइन ही अंतिम दर का निर्धारण करेगी। जिन लोगों की जमीन ली जाएगी, उनको मुआवजे के साथ कॉरिडोर में कुछ भी मिलेगा या नहीं। श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर को सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजट दिया है, जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया। स्थानीय प्रशासन को अभी तक कोई दिशानिर्देश नहीं मिले हैं। गाइडलाइन मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा। फिलहाल, कॉरिडोर के भविष्य में नए निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाना निर्णय लिया गया है।

Vrindavan: प्रशासन ने 300 निर्माणों के सर्वेक्षण और उनकी लागत का विश्लेषण किया

बांकेबिहारी कॉरिडोर प्रशासन जमीन अधिग्रहण पर विचार कर रहा है। 300 के करीब निर्माणों को हटाने का संकेत पहले से ही दिया गया है। हालाँकि, वे अब फिर से एक बार सख्त सर्वे कराने और जमीन की कीमत निर्धारित करने में जुट गए हैं। राज्य सरकार को पूरा खाका मिलेगा। उसी तरह जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि दी जाएगी। बांकेबिहारी कॉरिडोर 5.65 एकड़ जमीन लेगा। प्रशासन को स्थानीय लोगों को जमीन देने के लिए मनाना एक बड़ी चुनौती है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सरकार आगे की स्थिति पर विचार करेगी।

Vrindavan: अब बांकेबिहारी मंदिर की 5.65 एकड़ की परिधि में कोई निर्माण कार्य नहीं होगा; जानें कारण

Banke Bihari Temple Corridor: 5.65 एकड़ में बगेगा बांके बिहारी कॉरिडोर। Mathura। CM Yogi।Vrindavan